उत्तराखंड: चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) को लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो गई है. इसकी शुरुआत नियमों में बदलाव से की जा रही है. बीते दिनों में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. जिसमें गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के बाद अब केदारनाथ धाम में अब दर्शन के दौरान मोबाइल फोन और कैमरे के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक लगने जा रही है. इसे लेकर सीएम धामी का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसको लेकर ही प्रावधान कर रहे हैं.
सीएम धामी का कहना है कि उत्तराखंड चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल बढ़ती जा रही है. ऐसे में चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जो भी निर्णय लिए गए हैं, उसके पीछे यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसको लेकर ही प्रावधान कर रहे हैं.
बता दें कि 26 जनवरी को बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) की बैठक हुई थी. जिसमें समिति के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था. आगामी बोर्ड बैठक में ये प्रस्ताव पारित होने की बात कही गई थी. इसी बीच गंगोत्री धाम में प्रवेश वर्जित को लेकर निर्णय लिया गया. अब इसके बाद शुक्रवार को यमुनोत्री में भी ये प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आगामी अप्रैल माह से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) के दौरान यमुनोत्री धाम में यह नियम लागू कर दिया जाएगा.
पिछली बैठक में इस विषय पर अध्यक्ष का कहना था कि ‘देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है. केदारखंड से लेकर मानसखंड तक स्थापित मंदिर श्रृंखला में परंपरागत रूप से गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है, लेकिन गैर बीजेपी सरकारों के समय परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है. ऐसे में परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित हो सके, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.’