खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास, 150 विद्यार्थियों के साथ शुरू हुआ पहला सत्र

राष्ट्रीय  खेल दिवस पर उत्तराखंड को खेल क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इसके साथ ही करीब 150 विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल विश्वविद्यालय प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गौलापार में बनने वाला खेल विश्वविद्यालय खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। अब युवाओं को उच्चस्तरीय कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स मेडिसिन और इंजरी रिकवरी जैसी सुविधाओं के लिए दिल्ली या विदेश नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि सरकार ने उन्हें मंच उपलब्ध करा दिया है, अब वे अपनी मेहनत से देश-दुनिया में तिरंगा फहराएं।
पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि का डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरण किया गया। मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। वर्ष 2024-25 के देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और चेक प्रदान किए गए।
पहले बैच के विद्यार्थियों से संवाद
शिलान्यास समारोह से पहले खेल मंत्री रेखा आर्या ने विश्वविद्यालय के पहले बैच के करीब 150 विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बैचलर इन स्पोर्ट्स साइंस, बैचलर इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के विद्यार्थियों से उनकी आकांक्षाएं और सुझाव जाने।
खेल मंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है। बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, इंजरी प्रिवेंशन और स्पोर्ट्स मार्केटिंग जैसे विषय भी खेल जगत में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि खेल विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैज्ञानिक आधार देने के साथ प्रदेश में खेल प्रशासन को भी पेशेवर बनाएंगे।
विद्यार्थियों ने आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस लैब, एथलेटिक ट्रैक, इंडोर कॉम्प्लेक्स और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सुविधाओं को अपने लिए बड़ी उपलब्धि बताया। खेल मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल वैज्ञानिकों, फिजियोथेरेपिस्ट और विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पहला बैच प्रदेश के खेल इतिहास में नई शुरुआत का साक्षी बनेगा।सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्या, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक महेश नेगी, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के सचिव डीके सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और खेल क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।