रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। इस दौरान उन्होंने सात शहीद आंदोलनकारियों के प्रतिमा स्थल का शिलान्यास किया। प्रतिमा स्थल के निर्माण के लिए 27 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने लाठियां और गोलियां सहीं। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही और महिलाओं ने भी अनेक यातनाएं झेलीं।
सीएम धामी ने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास करना सरकार की प्राथमिकता है। आने वाली पीढ़ी को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध उत्तराखंड सौंपना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य सरकार विकास के साथ प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी काम कर रही है।
राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण और समान नागरिक संहिता जैसे कदम भी उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भू-माफिया और अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 13 हजार एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है। प्रदेश की संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मतदाता सूची के शुद्धीकरण का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है और इस पर अनावश्यक सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।
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