प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार ने जलविद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पिथौरागढ़ जिले की तीन नदी घाटियों में सात लघु जलविद्युत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं से कुल 108.8 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन प्रस्तावित है। इससे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और बाहरी स्रोतों से अतिरिक्त बिजली लेने की जरूरत कम करने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की ओर से ईस्टर्न रामगंगा, गोरीगंगा और धौलीगंगा घाटियों में प्रस्तावित इन परियोजनाओं में मुवानी 15 मेगावाट, कामतौली 14 मेगावाट, जिम्बामराम 21 मेगावाट, प्युंशानी 12 मेगावाट, बालगाड़ 19.8 मेगावाट, पैनागाड़ ए 12 मेगावाट और मंडप 15 मेगावाट शामिल हैं।
मांग के समय ग्रिड पर घटेगा दबाव
परियोजनाओं का विकास लघु जलविद्युत नीति के तहत किया जाएगा। नई परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता बढ़ने के साथ अधिक मांग के समय ग्रिड पर दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के अवसर और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर भी जोर
प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक सरकार बड़े जलविद्युत प्रोजेक्टों के साथ पंप्ड स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज और लघु जलविद्युत परियोजनाओं को भी आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ऊर्जा भंडारण को मजबूत करना है।
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